मुजफ्फर नगर, मई 26 -- लक्ष्मण विहार स्थित दुर्गा मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन पूज्य गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथाव्यास ने जालंधर वध, शंखचूड़ वध और तुलसी उत्पत्ति का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान धर्म की रक्षा के लिए समय-समय पर लीलाएं रचते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शिव जी का परम भक्त भी अधर्म की राह पर चलता है, तो भगवान उसे दंड अवश्य देते हैं। मनुष्य को अपने प्रारब्ध के अनुसार ही सुख-दुख भोगने पड़ते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं भगवान राम के पिता चक्त्रवर्ती राजा दशरथ भी श्रवण कुमार के माता-पिता के श्राप से नहीं बच पाए और उन्हें पुत्र वियोग में प्राण त्यागने पड़े। यह भी पढ़ें- माता-पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ : गंगोत्री तिवारी इसी तरह गंगा पुत्र भीष्म पितामह को भ...