नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि किसी व्यक्ति के अधिकार हमेशा राष्ट्र के हित के अधीन होते हैं। इस दौरान जोर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए अधिकारों की हमेशा रक्षा की जानी चाहिए, लेकिन ऐसे मामलों में जहां देश की सुरक्षा या अखंडता का सवाल उठता है, वह जमानत देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने ये टिप्पणियां सीबीआई द्वारा पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में 2010 में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के मामले में कुछ आरोपियों को मिली जमानत के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई करते हुए कीं। अधिकारियों ने बताया था कि 28 मई, 2010 को हुई यह दुर्घटना माओवादियों की साजिश का परिणाम थी। सीबीआई नहीं ला सकी सबूत सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आरोपियों की ...
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