नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- - अदालत ने कहा, जो दवा रिटेलर्स को 2,700 में मिलती हैं, उनकी एमआरपी 27 हजार तक तय हो रही - अफसरों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कोर्ट ने इसे करदाताओं के पैसों के साथ धोखाधड़ी बताया

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कैंसर की जरूरी दवाओं की ज्यादा कीमत को मरीजों के साथ दिन-दहाड़े डकैती करार देते हुए हैरानी जताई है। अदालत ने कहा कि जो दवाइयां रिटेलर्स को 2,700 रुपये में मिलती हैं, उनकी एमआरपी 27 हजार रुपये तक तय की जा रही है। शीर्ष अदालत ने अफसरों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए इसे करदाताओं के पैसों के साथ धोखाधड़ी बताया है।

चुप्पी पर सवाल न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश संदीप मेहता की पीठ ने कहा, यह हैरान करने वाली बात है कि जिन अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए, वे च...