नई दिल्ली, मई 27 -- - कहा, निरंतर सुरक्षा के लिए खतरे के ठोस सबूत जरूरी

अंतरधार्मिक विवाह मामले इंदौर, एजेंसी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अंतरधार्मिक विवाह करने वाली एक दंपति को चौबीस घंटे पुलिस सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा कि केवल सामान्य आशंका या संदिग्ध घटनाओं के आधार पर निरंतर व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। न्यायधीश जय कुमार पिल्लई की एकल पीठ ने 14 मई को रतलाम निवासी दंपति की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में ठोस, विश्वसनीय और तात्कालिक खतरे के ठोस सबूत आवश्यक हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि केवल संदिग्ध वाहन दिखना या अलग-थलग घटनाएं सामान्य पुलिस गश्त और जांच का विषय हैं, न कि स्थायी सशस्त्र सुरक्षा का आधार।

दंपति की सुरक्षा की मांग याचिका में दंपति ने बताया था कि 2019 में उन्होंने दिल्ली के आर्य ...