नई दिल्ली, फरवरी 12 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेरिकी उपन्यासकार एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड के उस कथन को उद्धृत करते हुए रेल हादसे में घायल हुए नशे में धुत व्यक्ति की मुआवजा अर्जी खारिज कर दी। उपन्यासकार का कथन, जिसमें कहा गया कि 'पहले आप शराब पीते हैं, फिर वह शराब आपको और पीने के लिए प्रेरित करती है और फिर वह आपको अपने वश में कर लेती है।' न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने बुधवार को इस संबंध में आदेश पारित किया, जिसकी प्रति गुरुवार को उपलब्ध कराई गई। अदालत ने कहा कि शराब सब कुछ बर्बाद कर देती है। अदालत ने एक व्यक्ति की ओर से दाखिल अपील रद्द कर दी, जिसमें उसने रेलवे प्लेटफॉर्म पर लगी चोटों के लिए मुआवजे से इनकार करने वाले रेलवे दावा न्यायाधिकरण के 2014 के आदेश को चुनौती दी थी। इसमें कहा गया कि आवेदक को राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि चोट नशे की ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.