एटा, जून 2 -- खेत बचाओ अभियान में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से कहा कि नाइट्रोजन आधारित रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया का आवश्यकता से अधिक प्रयोग न करें। अत्यधिक यूरिया के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है। मिट्टी एवं भू-जल की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गत वर्ष मई माह में 11,338.9 मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था। जबकि मई 2026 में 11,666 मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 327.1 मीट्रिक टन अधिक है। एक जून 2026 तक जनपद में लगभग 30,186.8 मीट्रिक टन यूरिया तथा 12,898.6 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। गोदामों में सामान्य एवं प्री-पोजिशनिंग स्टॉक सहित कुल 9,851.6 मीट्रिक टन यूरिया, 8,461 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है।जिला कृषि अधिकारी निरंतर समितियों, गोदामों एवं ...