बाराबंकी, जून 9 -- फतेहपुर। नगर के जैन सन्मति भवन में चल रहे तीन दिवसीय श्री ऋषि मंडल विधान के दूसरे दिन विभिन्न अनुष्ठान संपन्न हुए। मंगलवार सुबह भगवान आदिनाथ का अभिषेक व शांतिधारा प्रवाहित की गई। मंडप पर श्री फल चढ़ाकर पंडित मुकेश जैन शास्त्री ने विधिवत पूजन सम्पन्न कराया। इस अवसर पर आचार्य श्री विशल्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसका उद्देश्य आत्मकल्याण तथा मोक्षमार्ग की साधना है। कहा कि भौतिक सुख सुविधाएं क्षणिक हैं। धर्म और सदाचार से प्राप्त होने वाला आत्मिक सुख शाश्वत होता है।आचार्य श्री ने कहा कि क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषाय मनुष्य के बड़े शत्रु हैं। इन पर विजय प्राप्त कर ही आत्मा की शुद्धि संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा और संयम को जीवन में अपनाने का आह्वान कि...