अत्यंत अनूठा-अद्भुत था भगवान शिव का विवाह
सिद्धार्थ, फरवरी 18 -- बांसी, हिन्दुस्तान संवाद। खेसरहा क्षेत्र के कोटिया पाण्डेय गांव के चौराहे पर चल रहे नौ दिवसीय श्रीविष्णु महायज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को कथावाचक श्रीराम द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने पार्वती जन्म से लेकर शिव विवाह तक की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि पुराणों के अनुसार भगवान शिव का विवाह अत्यंत अनूठा और अद्भुत था। उन्होंने कहा कि दक्ष पुत्री और भगवान शिव की पत्नी सती ने दक्ष यज्ञ में शिव के अपमान से आहत होकर हवन कुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद सती ने हिमांचल के घर पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। भ्रमण करते हुए देवऋषि नारद जब हिमाचल के दरबार पहुंचे तो उन्होंने राजा की पुत्री को देखकर कहा कि, हे राजन आपकी पुत्री सर्वगुण संपन्न है। यह उमा, अंबिका और भवानी के...
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