मधुबनी, अप्रैल 26 -- दीपेंद्र दीपम बाबूबरही। मोहनपुर के लिए बाबूबरही के गोट बरही गांव से निकली एक पैदल बारात ने पुराने दौर की यादें ताजा कर दी। जब शादी विवाह सादगी और परंपरा के साथ सम्पन्न होते रहते थे। दूल्हा नवल किशोर राय अपनी बारात के साथ बिना तामझाम पैदल ही वधू अंबिका किशोर राय के घर पहुंचे। जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। बुजुर्गों का यह कहना है कि पहले ऐसे ही बारातें निकलती रहती थी। जहां आपसी मेल जोल और सादगी प्रमुख होती थी। आज के दौर में जहां शादियां दिखावे और खर्च का प्रतीक बन गई है। वहीं यह पहल समाज को नई दिशा देती नजर आई। यह भी पढ़ें- अतीत की सादगी और वर्तमान को बयां की पैदल बारात की परंपरा विशेषज्ञ यह मानते हैं कि शादी ब्याह आदि पावन अवसर के आयोजन सरकार की सादगी, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता से जुड़ी योजनाओं के मू...