अतीत की गलतियों से हम नष्ट नहीं होते; दिल्ली HC का हत्या के दोषी की सजा पर बड़ा फैसला
नई दिल्ली, अगस्त 31 -- निखिल पाठक दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसले की शुरुआत में ऋग्वेद की प्रार्थना और ऑस्कर वाइल्ड के कथन का हवाला देते हुए 20 साल से जेल में बंद एक कैदी की समय से पहले रिहाई का आदेश दिया है। अदालत ने अपराधियों के सुधार और पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। ऋग्वेद की एक प्रार्थना से अपने फैसले की शुरुआत करते हुए कोर्ट ने कहा कि 'अतीत की गलतियों के कारण हम नष्ट न हों, बल्कि उनसे मुक्त होकर आगे बढ़ें।' साथ ही लेखक ऑस्कर वाइल्ड के कथन "कोई संत ऐसा नहीं जिसका अतीत न हो और कोई पापी ऐसा नहीं जिसका भविष्य न हो का हवाला भी दिया। अदालत ने कहा कि सजा का मकसद सिर्फ बदला लेना या अपराधी को जिंदगी भर जेल में रखना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सुधरने का मौका देना भी है। न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.