रांची, अक्टूबर 14 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण हटाने से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 133 के तहत कार्रवाई करने से पहले प्रारंभिक आदेश पारित करना अनिवार्य है। वहीं, संबंधित व्यक्ति के कारण बताने के लिए उपस्थित होने पर उसे साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देना भी जरूरी है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण मधुपुर के एसडीएम के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने मामले में नए सिरे से कानून के अनुसार आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि इस संबंध में सुशील कुमार विश्वास ने याचिका दायर की थी। उन्होंने देवघर के अपर सत्र न्यायाधीश के 4 सितंबर 2021 को उनकी आपराधिक पुनरीक्षण याचिका ख...