मधुबनी, फरवरी 11 -- बाबूबरही, निज संवाददाता। बाबूबरही प्रखंड क्षेत्र के सैरात अंतर्गत जलकर एवं फलकर श्रेणी के दो सौ से अधिक तालाब अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। मिश्रौलिया, कुल्हड़िया, भूपट्टी, मुरहदी, तिरहुता, छौरही, सतघारा, धमौरा, भटचौरा, बसहा, पचरुखी, सोनमती, बेला समेत विभिन्न पंचायतों में तालाबों की स्थिति बदतर बनी हुई है। कुल्हड़िया के दिघिया, मुरहदी, बथुआहा, घंघोर आदि विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण, तो कहीं जलकुंभी और गाद ने इन्हें मृतप्राय बना दिया है। सर्वाधिक प्रभावित एक एकड़ से छोटे रकवा से दस एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले राजोखर, गोरधोही, बटनवारी, दिघिया और कचनार जैसे बड़े तालाब भी अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। कभी सिंचाई, मत्स्य पालन और भू जल संरक्षण का आधार रहे हैं। ये तालाब अब उपेक्षा के प्रतीक बन गए ह...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.