आजमगढ़, मार्च 11 -- आजमगढ़, संवाददता। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) लेदौरा जिले के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके लिए अतरौलिया ब्लॉक के 250 किसानों का चयन किया गया है। चयनित किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस खेती के लिए किसान खुद ही प्राकृतिक खाद तैयार करेंगे। किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, बिलारी (अतरौलिया) को सौंपी गई है।रासायनिक खादों से होने वाले नुकसान को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए तैयार करने की पहल शुरू की है। इस पद्धति में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत और घन जीवामृत तैयार कर खेतों में प्रयोग किया जाएगा। गोबर और गोमूत्र से ही किसान प्रा...
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