गया, जनवरी 23 -- साथ जीने और मरने की कसमें खाने का चलन आम तौर पर फिल्मों में होता है। कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन गया जिले के परैया प्रखंड के रामडीह गांव में एक ऐसी जोड़ी की विदाई देखने को मिली जिसने 'साथ जीने और साथ मरने' की कसम को हकीकत में बदल दिया। पति की मौत हुई तो पत्नी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी और कुछ ही मिनटों में उसने भी प्राण त्याग दिया। दंपती की मौत से हर आंख नम हो गई। जानकारी के अनुसार, रामडीह गांव के नंदकिशोर शर्मा उर्फ नन्हे ठाकुर (60) की अचानक हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। पति की मौत का सदमा उनकी पत्नी मानती देवी (58) सहन नहीं कर सकीं और मात्र 10 मिनट के भीतर उन्होंने भी दम तोड़ दिया। पति-पत्नी की एक साथ मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग नम आंखों से दंपती को अंतिम विदाई देने की ...
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