लखनऊ, अप्रैल 27 -- रश्मिरथी उत्सव उत्सव का समापन लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेई के जीवन दर्शन के साथ हुआ। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान हुए समारोह में बालवीर सिंह करुण की पुस्तक पावन एक मशाल तिलक, नालंदा प्रकाशन की स्वराज्य और अटल स्वरांजलि कार्यक्रम के उपलक्ष्य में प्रकाशित स्मारिका कदम मिलाकर चलना होगा का विमोचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि चाहे दिनकर हों या विवेकानंद, तिलक हों या अटल जी, इनमें से किसी के भी बारे में यदि हम बात करें, तो घंटों लग जाएंगे लेकिन चर्चा पूरी नहीं हो पाएगी। अटल जी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे अटल जी के संरक्षण में एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। स्नेह और प्रेम से भरा हुआ उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि उस पर जितनी बातें की जाए...
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