मधेपुरा, फरवरी 24 -- चौसा, निज संवाददाता। लौआलगान में आयोजित विश्व स्तरीय संतमत सत्संग का दो दिवसीय विराट ज्ञान यज्ञ रविवार की देर शाम संपन्न हो गया। अंतिम दिन महर्षि मेंही ब्रह्म विद्यापीठ हरिद्वार उत्तराखंड के स्वामी व्यासानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर एक है। परमात्मा और सभी प्रकार के आध्यात्म भी एक ही है। लेकिन उनके पास पहुंचने के लिए रास्ते अलग अलग बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मार्ग में चलने के दौरान ही मनुष्य को अध्यात्मिक ज्ञान नहीं रहने के कारण वे इस माया रुपी संसार में अज्ञानता के कारण भटकने लगते हैं, और उन्हें आध्यात्म एवं परमात्मा की मंजिल तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानव अपने अर्जित ज्ञान के आधार पर ही कुछ देखता और समझता भी है। मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार सुख और दुख प्राप्ति करता है। दो ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.