अजमेर, मार्च 21 -- अजमेर में ईद-उल-फितर का पर्व इस बार शिया मुस्लिम समुदाय ने सादगी और गमगीन माहौल में मनाया। जहां आमतौर पर ईद खुशियों, नए कपड़ों और जश्न का प्रतीक होती है, वहीं इस बार समुदाय के लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज़ अदा की और पारंपरिक उत्सवों से दूरी बनाए रखी। न तो नए कपड़े पहने गए और न ही घरों में किसी प्रकार का जश्न मनाया गया। पूरे आयोजन के दौरान शोक और संवेदना का माहौल साफ तौर पर देखने को मिला। बताया गया कि यह फैसला अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनाई के निधन पर शोक व्यक्त करने के रूप में लिया गया। समुदाय के लोगों ने इसे श्रद्धांजलि स्वरूप अपनाया और ईद को सादगी के साथ मनाने का निर्णय किया। इस दौरान लोगों में गहरा आक्रोश भी देखने को मिला और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर नाराजगी भी जाहिर की गई। इजराइल और अमेरिका के खिलाफ विरोध के स...
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