देहरादून, नवम्बर 24 -- देहरादून। सहस्त्रधारा रोड मन्दाकिनी विहार में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कहा कि "मनुष्य नहीं, अच्छे-बुरे की अंतिम कसौटी केवल ईश्वर हैं। यदि आप वेदों के अनुरूप कार्य करते हैं, तभी आप ईश्वर की दृष्टि में वास्तव में अच्छे व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि संसार की प्रशंसा या निंदा से अधिक महत्त्व ईश्वर के न्याय का है, इसलिए व्यक्ति को स्वयं को ईश्वर की कसौटी पर परखना चाहिए। आचार्य ममगांई ने बताया कि जो व्यक्ति ईश्वर की दृष्टि में अच्छा है, वही वास्तव में अच्छा है-चाहे दुनिया उसे कैसा भी आंके। उन्होंने कहा की ईश्वर की न्याय व्यवस्था की चिंता करें, यही आपके लिए हितकारी है। कथा के दौरान कृष्ण जन्म कथा सुनते हुए भक्त भाव-विभोर हो उठे और "नन्द घर आनंद भयो" पर पूरे पंडाल में उल्लास का वातावरण बन गया। ...
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