देहरादून, अप्रैल 2 -- देहरादून। रायपुर रोड स्थित लाडपुर क्षेत्र में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कहा कि अच्छे और बुरे की अंतिम कसौटी ईश्वर हैं, न कि मनुष्य। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति वेदों के अनुरूप कार्य करता है, तो वह ईश्वर की दृष्टि में अच्छा है, और वही वास्तविक अच्छाई है। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि व्यक्ति को स्वयं को ईश्वर की कसौटी पर कसकर देखना चाहिए, तभी उसे सही मायनों में पता चल सकता है कि वह अच्छा है या बुरा। यदि कोई ईश्वर की नजर में अच्छा है, तो संसार के लोगों की राय का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता। इसलिए मनुष्य को ईश्वर की न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखते हुए अपने कर्म करने चाहिए।कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही श्रद्धालु 'नंद घर आनंद भयो' भजन पर झूम उठे। वातावरण पूर...
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