गुड़गांव, जुलाई 5 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में अब सबसे अहम भूमिका खुद विद्यार्थियों की होगी। स्कूलों में पढ़ाई का माहौल कैसा है, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था ठीक है या नहीं, खेल सामग्री पर्याप्त है या किसी सुविधा की कमी है, अब इन सभी पहलुओं पर बच्चों की राय सीधे स्कूल प्रबंधन तक पहुंचेगी। विद्यार्थियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर न केवल कमियों की पहचान की जाएगी, बल्कि उन्हें दूर करने के लिए तय समय में कार्ययोजना बनेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानने और व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए छात्रों का फीडबैक सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है। सभी सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। विद्यार्थियों से स्कूल की बुनियादी सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय,...