आगरा, मई 22 -- यमुना नदी तट पर आयोजित श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ के श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन लीला और छप्पन भोग प्रसंग सुन श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए। कथा मंडपम में "नंद बाबा के घर परमानंद भयो" और "गोवर्धनधारी गिरधारी लाल की जय" के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास महंत योगेश पुरी ने छप्पन भोग का महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल भोग नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति का मंगलाचरण और उत्सव है। भगवान कहते हैं "जो मेरा जिस प्रकार से भजन करता है, मैं भी उसका उसी प्रकार से भजन करता हूं। यह भी पढ़ें- अग्रवन में महादेव ने किए थे बाल कृष्ण के दर्शन: योगेश पुरी उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नंद बाबा और मां यशोदा के घर परमानंद हुआ, उसी प्रकार प्रत्येक भक्त के घर भी ईश्वर का आनंद अवतरित हो सकता है। ...