सोनभद्र, सितम्बर 8 -- जौनपुर, संवाददाता। अगेती आलू बोने के लिए किसान खेतों की तैयारी में लग जाएं। मौसम साफ होते ही खेत की जुताई करके तैयार करें। अच्छी उपज के लिए सितम्बर के पहले पखवारे भर में आलू की बुआई अवश्य कर दें। अगेती आलू की फसल 70 से 80 दिन में पक कर तैयार हो जाएगी। उसकी खुदाई करने के बाद किसान उसी खेत में पिछेती गेहूं की बुआई कर सकते हैं। आलू संतुलित आहार देने वाली एक महत्वपूर्ण फसल है। इसमें लगभग 20.6 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 2.1 प्रतिशत प्रोटीन, 0.3 प्रतिशत वसा तथा 0.9 प्रतिशत खनिज पदार्थ समेत विटामिन बी-1 व सी भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। भारतीय अर्थ व्सवस्था में आलू का योगदान दो प्रतिशत है। किसान शस्य क्रियाओं को अपनाकर आलू का अधिक उत्पादन ले सकते हैं।

आलू के लिए भूमि आलू की अच्छी उपज के लिए बलुई या हल्की दोमट भूमि जिस...