गाजीपुर, अगस्त 11 -- सादात, हिन्दुस्तान संवाद। वर्ष 1942 की अगस्त क्रांति में सादात क्षेत्र के क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया था। महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के आह्वान पर क्षेत्र में आंदोलन तेज हो गया। 12 अगस्त 1942 को क्रांतिकारियों ने सादात रेलवे स्टेशन के एक कक्ष में आग लगा दी। घटना के दौरान ब्रिटिश सैनिकों की गोलीबारी में नगर निवासी क्रांतिकारी हरिवंश दूबे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद बड़ी संख्या में क्रांतिकारी रेलवे स्टेशन पर जुट गए। उग्र तेवर देखकर पुलिसकर्मी थाने में छिप गए। क्रांतिकारियों ने थाना घेर लिया। जान बचाकर भागने का प्रयास कर रहे सब-इंस्पेक्टर हमीदुल्ला खां और सिपाही वली मुहम्मद खां को पकड़ लिया गया। यह भी पढ़ें- दो सेनानी दोस्तों ने विंदौरा स्टेशन फूंककर ब्रितानिया हुकूमत को दी...