अगस्त क्रांति के रणबांकुरे वसुधा सिंह की वीरगाथा आज भी जिंदा
अंबेडकर नगर, अगस्त 9 -- अम्बेडकरनगर। देश की आजादी की लड़ाई में पूर्वांचल की धरती ने भी ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने घुटने टेकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। आलापुर तहसील क्षेत्र के पोखरभिट्टा गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वसुधा सिंह उन्हीं रणबांकुरों में शामिल थे। अगस्त क्रांति के दौरान उनकी वीरता की कहानी आज भी पूर्वांचल के लोकगीतों और लोककथाओं में सुनाई जाती है। 23 अगस्त 1942 को राजेसुल्तानपुर के मवेशी बाग में आजादी के आंदोलन से जुड़े युवाओं की विशाल सभा हुई थी। बताया जाता है कि पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में क्रांतिकारी अंग्रेजी पुलिस से बचते हुए सभा में पहुंचे थे। सभा में अंग्रेजों भारत छोड़ो और फिरंगी वापस जाओ के नारे गूंज रहे थे। यह भी पढ़ें- फायरिंग के बीच अपने कई बेटे...
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