अगस्त क्रांति के योद्धा को मिली थी 15 साल कैद की सजा
भभुआ, अगस्त 8 -- स्वतंत्रता सेनानी राज कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर दिखा था जनाक्रोश भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जुलूस पर चलाई गई गोली से शहीद हुए थे अंतु बाबू (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। देश में अगस्त क्रांति सवाब पर था। इसकी गूंज कैमूर में भी पहुंची थी। गांव-मुहल्ले के युवक इस आंदोलन में शिरकत करने लगे। इसी आंदोलन में चैनपुर के तिवई निवासी राजकुमार लाल को अंग्रेजी हुकूमत ने 15 साल कैद और 400 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई थी। एक जुलाई 1901 को जन्मे राजकुमार का परिवार 1928 में भभुआ में रहने आ गया। वर्ष 1921 में कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद वह लगातार राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ते गए। वर्ष 1939 में भभुआ नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए, लेकिन अगले ही वर्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आह्वान पर वह पद छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए। य...
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