नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल सबसे पावरफुल मानी जाती है। शनि को कर्म और न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसे में माना जाता है कि शनि हमेशा लोगों को कर्म और मेहनत के हिसाब से फल देते हैं। अच्छे कर्म किए हैं तो अच्छा फल और कुछ बुरा किया है तो उसी हिसाब से फल मिलेगा। बीते 27 जुलाई से शनि मीन राशि में हैं और तभी से उनकी चाल उलटी है। शनि की इस अवस्था को वक्री कहा जाता है। यानी शनि इस वक्त टेढ़ी चाल में हैं और इस दौरान कुछ राशियों को लाभ मिल रहा है तो वहीं कुछ को नुकसान हो रहा है। शनि की चाल का असर हर एक राशि पर पड़ता है। इस वक्त मेष, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शनि की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण है। शास्त्र के अनुसार इन तीनों राशियों पर अभी शनि की साढ़ेसाती है। तीनों राशियों पर 11 दिसंबर तक शनि की चाल का अलग-अलग असर होग...