नई दिल्ली, मई 28 -- सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलने वाली लंबी छुट्टियों को लेकर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं। बुधवार को देश की सबसे बड़ी अदालत में एक अहम मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के जजों और देश के शीर्ष वकीलों के बीच दिलचस्प और तीखी चर्चा देखने को मिली। सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट की छुट्टियों का पुरजोर बचाव करते हुए दो टूक कहा कि सुप्रीम कोर्ट का काम कोई 'सुबह 10 से शाम 5 बजे' की आम नौकरी नहीं है। यह पूरी चर्चा जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच के सामने चल रही थी। यह बेंच चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। अदालत यह तय कर रही थी कि आगामी छुट्टियों के बाद इस मामले को अगली सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध किया जाए।'आलोचना ...