बिजनौर, दिसम्बर 19 -- पूरे भारत में बाघ धारक क्षेत्र में चल रह रही विश्व की सबसे बड़ी वन्यजीव का पहला चरण अमानगढ़ रेंज में पूरा हो जाएगा। इस चरण के अंतर्गत अमानगढ़ परिक्षेत्र में बाघ की उपस्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। गणना के दौरान बाघ के मल व पगचिह्न संकलित किए गए, जिनका सेटेलाइट पर आधारित डेटा एमएसस्टाईप ऐप के माध्यम से संकलित किया गया। यह जानकारी बाघों की उपस्थिति, वितरण और गतिविधि को समझने में सहायक होगी। इसके साथ ही लाइन ट्रांसेक्ट पद्धति द्वारा शाकाहारी वन्यजीवों की आबादी का आकलन किया गया, जिससे बाघ के शिकार आधार की स्थिति का पता लगाया जा सके। गणना के अंतर्गत वन्यजीवों के पर्यावास का भी अध्ययन किया गया, जिसमें पेड़, घास, झाड़ियां और खरपतवार के साथ-साथ मानवीय हस्तक्षेप से जुड़ा डेटा भी एमएसस्टाईप ऐप के माध्यम से दर्...
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