अखिलेश यादव को मिली सपा, NCP चीफ बने अजित पवार; जब पार्टी तोड़ने वाले बने हकदार
नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- तृणमूल कांग्रेस किसकी है? कुछ समय के लिए चुनाव आयोग ने इन चर्चाओं पर रोक लगा दी है। ममता बनर्जी और अरूप रॉय वाला बागी गुट, कोई भी टीएमसी के नाम और दो जोड़ा फूल चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। खास बात है कि भारत की राजनीति में इससे पहले भी अखिलेश यादव से लेकर एकनाथ शिंदे तक कई ऐसे नेता सामने आए हैं, जो टूट के बाद असली पार्टी के हकदार बने। साल 2017 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा होने थे और समाजवादी पार्टी में अलग ही खटपट चल रही थी। पार्टी के नेतृत्व को लेकर खींचतान पिता मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच थी। नौबत यहां तक आ गई कि मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा और अंत में अखिलेश को साइकिल और समाजवादी पार्टी रखने का अधिकार मिला। हालांकि, मुलायम दावा करते रहे कि पार्टी में बगावत नहीं हुई है।क्यों मिला अखिलेश...
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