नई दिल्ली, नवम्बर 16 -- पंकज चतुर्वेदी,वरिष्ठ पत्रकार हाल ही में मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल के बच्चों को मिड-डे मील कागज पर परोसने को लेकर काफी विवाद हुआ। भारत में 'स्ट्रीट फूड' संस्कृति हमारी जीवन-शैली का एक अभिन्न अंग है। गरमागरम समोसे, कुरकुरे पकौड़े, चटपटी चाट हो या नमकीन- इन व्यंजनों का आकर्षण किसी से छिपा नहीं है। लेकिन एक आदत है, जो इस आकर्षण पर एक गहरे काले धब्बे के समान है : अखबार या मुद्रित कागज में पकवानों को लपेटना या परोसना। यह पुराना, सहज व सस्ता चलन, जिसे हम सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, वास्तव में हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर और अनसुना संकट है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, यानी एफएसएसएआई ने बार-बार इस चलन के खिलाफ कठोर चेतावनी जारी की है। यहां तक कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम- 2018 के...
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