प्रयागराज, अप्रैल 12 -- प्रयागराज, संवाददाता। वैशाख मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि का मान 19 अप्रैल को दोपहर एक बजे के बाद व्याप्त हो जाएगा लेकिन उदया तिथि की वजह से 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। श्री स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि 20 अप्रैल को सूर्योदय तृतीया तिथि में है, इसलिए उदया तिथि की मान्यता व रोहिणी नक्षत्र होने पर अक्षय तृतीया का शुभ फल प्राप्त होगा।19 अप्रैल को तृतीया तिथि के दौरान कृतिका नक्षत्र रहेगा, जबकि उदया तिथि में इसमें रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होगा। शास्त्रों के अनुसार यदि रोहिणी नक्षत्र युक्त तृतीया सूर्योदय के समय थोड़ी देर के लिए भी मिल जाए तो इसका विशेष महत्व काफी बढ़ जाता है। प्राचार्य ने बताया कि अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है। इस दिन किसी ...