शामली, जून 23 -- जलालाबाद। इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम की 6 तारीख अकीदत और गमगीन माहौल के साथ मनाया गया। यह भी पढ़ें- ताबूत, अलम की जियारत कर निकाला ताजिया जुलूसमौखिक खिताब कस्बे इमाम बारगाह में मौलाना सैयदअममान हैदर जैदी ने खिताब फरमाते हुए कहा की मोहर्रम की 6वीं तारीख विशेष रूप से इमाम हुसैन के लाडले और उनके हमशक्ल बेटे जनाबे अली अकबर की याद से मंसूब है। इस मौके पर विभिन्न मजलिसों और कार्यक्रमों में इमाम हुसैन के शहजादे की शहादत का जिक्र कर शिया समुदाय के लोगों ने नम आंखों से मातम मनाया। यह भी पढ़ें- शहर काजियों ने रवाना किया राइनी बिरादरी का अलम जनाबे अली अकबर का जीवन मजलिसों के दौरान उलेमाओं ने जनाबे अली अकबर के जीवन और कर्बला में उनकी शहादत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनाबे अली अकबर शबीहे रसूल थे, यानी उनका...