नई दिल्ली, जुलाई 5 -- सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने रविवार को कहा कि अकाल तख्त सर्वोच्च है और हर सिख को इसके आदेश को मानना अनिवार्य है। साथ ही कहा कि इतिहास गवाह है, जो भी इसे मानने से इनकार करेगा, उसे अकाल तख्त को जवाब देना होगा। स्वर्ण मंदिर में आयोजित पंथक सम्मेलन में 15 जून के उस आदेश को लागू करने का समर्थन किया गया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया गया था। एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख समुदाय ने अकाल तख्त के आदेश को पूरी तरह लागू करने का संकल्प लिया है। यह भी पढ़ें- भगवंत मान की फोटो वाले पहचान पत्र हटवाए बता दें कि पिछले महीने अकाल तख्त ने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया था। हालांक...