बागपत, मार्च 28 -- धनौरा टीकरी में चल रहे चतुर्वेद यज्ञ में शुक्रवार को स्वामी आर्यवेश ने कहा कि अंहकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है। मनुष्य को जीवन में अंहकार छोड़ना होगा। कहा कि जब मनुष्य बिना हक के भी पाने की चाहत रखता है, तो संघर्ष और कलह का जन्म होता है। वहीं, जब मनुष्य अपने हक को भी त्याग कर शांति और धर्म का मार्ग चुनता है, तभी सच्ची महानता जन्म लेती है। यज्ञ में प्रेम सिंह वेदवान, देवेंद्र प्रधान, रोहित, आनंदपाल, मा. रूकमपाल यादव, आनंद छिल्लर, अरूण, अंकित आर्य, अमित कुमार, मिंटू सहरावत आदि मौजूद रहे।

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