नई दिल्ली, जनवरी 29 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हालिया नियमों के खिलाफ देशभर में 'सवर्ण' समुदाय प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पर रोक लगा दी। अब इस मुद्दे पर दृष्टि आईएएस के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा है कि ये नियम 2012 के नियमों से ज्यादा असरदार हैं और इनमें किसी तरह के भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही, उन्होंने इन नियमों के खिलाफ हो रहे विरोध पर भी सवाल उठाए और वाइस चांसलर की भूमिका पर शक जताया। उन्होंने देश की 'उच्च जातियों' के प्रति अंबेडकर के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह नहीं होते तो शायद सवर्ण महिलाएं भी घरों में चूल्हा-चौका कर रहीं होतीं। एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश के साथ हाल ही में हुए एक पॉडक...
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