औरंगाबाद, नवम्बर 26 -- कुटुंबा प्रखंड स्थित अंबा बाजार अपने मशहूर गुड़ के लड्डू झरुआ के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। सस्ती मिठाई होने के बावजूद इसका स्वाद, सुगंध और पारंपरिक पहचान लोगों को इतना प्रभावित करती रही है कि देश-विदेश तक आने वाले यात्री इसे यहां से जरूर लेकर जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कभी इस मिठाई की सबसे बड़ी ताकत मुडिला गांव में होने वाली ईख की खेती और वहीं का विशुद्ध गुड़ था, जिसकी मिठास से झरुआ का स्वाद अनोखा बनता था। कुशल कारीगर बेसन और चौरेठ की ताज़ी बूंदी से इसे तैयार करते थे, जिससे इसका स्वाद और गुणवत्ता दोनों उत्कृष्ट रहते थे। लेकिन अब ईख की खेती बंद हो चुकी है। गुड़ बाहर से आता है और बूंदी भी स्थानीय रूप से नहीं के बराबर बनती। इसके चलते झरुआ की गुणवत्ता पर असर पड़ा है और मांग में भी कमी आई है। इसके बावजूद अंबा क...