गुमला, जून 11 -- गुमला, प्रतिनिधि। गुमला जिले के मुरकुंडा गांव में सामने आई एक वृद्ध की हत्या की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 65 वर्षीय पालू खड़िया की कथित हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि उस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया जाता था।

ग्रामीणों का नजरिया ग्रामीणों के अनुसार पालू खड़िया पर लंबे समय से डायन-बिसाही का आरोप लगाया जा रहा था। इसी आरोप को लेकर उसे कई बार अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। बुधवार रात विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कथित मारपीट के बाद उसकी मौत हो गई।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की राय इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता शंभु सिंह का कहना है कि शिक्षा और जागरूकता बढ़ने के बावजूद कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बीमारी, परिवारिक विवाद या अन्य...