अंदरूनी विरोध झेल रहे उमर अब्दुल्ला क्या कुर्सी गंवा देंगे
नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- अश्विनी कुमार, वरिष्ठ पत्रकार जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ करीब दो दर्जन विधायकों और एक लोकसभा सदस्य ने बगावत की घंटी बजा दी है। अब्दुल्ला परिवार के खिलाफ नेशनल कॉन्फ्रेंस में ऐसी बगावत पहली बार नहीं हुई है, बल्कि बीते आठ दशकों में यह तीसरा मौका है, जब बागियों के निशाने पर अब्दुल्ला परिवार है। पहली बार उमर अब्दुल्ला के दादा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला के खिलाफ बगावत के सुर 8 अगस्त, 1953 को सामने आए थे। उनकी सरकार को यह कहकर बर्खास्त कर दिया गया था कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर को आजादी दिलवाना चाहते है। शेख अब्दुल्ला को गिरफ्तार भी कर लिया गया, जिसके बाद उनकी जगह नियुक्त बख्शी गुलाम मोहम्मद सभी विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। दूसरी बार, 2 जुलाई, 1984 को उमर अब...
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