बांका, दिसम्बर 29 -- रजौन(बांका)। निज संवाददाता रजौन प्रखंड के आदर्श ग्राम पिपराडीह में पिछले 22 दिसंबर से जारी सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की पावन आध्यात्मिक गूंज रविवार को थम गई। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को वृंदावन धाम से पधारी कथावाचिका देवी ऊष्मा किशोरी जी ने आकर्षक झांकियों के बीच श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग की कथा का बखान किया। उन्होंने कहा कि मित्र सुदामा के फटेहाल अवस्था में आने पर, कृष्ण ने द्वारपालों को रोककर, स्वयं नंगे पैर दौड़कर उनका स्वागत किया और उन्हें गले लगाया, यह दर्शाता है कि सच्चे प्रेम में कोई भेद नहीं होता। उन्होंने कृष्ण-सुदामा के मिलन का बखान करते हुए सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम और ईश्वर भक्ति का महत्व बताया, जिसमें कृष्ण ने अपने गरीब मित्र सुदामा का नंगे पैर दौड़कर स्वागत किया, उनके...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.