कुशीनगर, नवम्बर 14 -- कुशीनगर। फाजिलनगर ब्लॉक क्षेत्र के देवपोखर गांव में अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरो) की टीम किसानों के बीच नई और उन्नत खेती तकनीक को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान डीआरएस (डायरेक्ट राइस सीडिंग) व जीरो टिलेज विधि से की गई धान की खेती निरीक्षण में फसल की क्रॉप कटिंग कर औसत उत्पादन का मूल्यांकन किया। इन तकनीकों से पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में बेहतर उत्पादन पाया गया। वैज्ञानिकों की टीम क्षेत्र के देवपोखर गांव पहुंची। उन्होंने सबसे पहले 25 एकड़ में डीआरएस विधि में हुए बुआई का क्रॉप कटिंग कराया गया, जिसमें सामान्य विधि के अपेक्षा अधिक उपज पाया गया। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. पनीरसेलवम ने कहा कि इस विधि से धान की बुआई सीधे खेत में की जाती है, जिससे रोपाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे किसानों को श्रम, ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.