अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: पेपर लीक और परीक्षा विवाद के बीच सपनों को सींच रही 'युवा शक्ति'
रांची, अगस्त 12 -- रांची। आर्थिक तंगी, बरसों की कड़ी मेहनत और आंखों में अफसर बनने का सपना-झारखंड के हजारों मध्यमवर्गीय युवाओं की यही कहानी है। राजधानी में परिवार से दूर, अकेले कमरों में रहकर कई तनाव और अभावों के बीच वे अपनी पढ़ाई में जुटे रहे। यह लड़ाई केवल परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के आत्मसम्मान और भविष्य की है। हालांकि, बार-बार परीक्षाओं में होती धांधली और पेपर लीक के कारण युवाओं के सपने चकनाचूर हो रहे हैं। फिर भी, वे निराश होने के बजाय नए हौसले के साथ अपने हक और सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सबिता: स्नातक करने वाली घर की पहली बेटी, जो बनना चाहती हैं 'अफसर बिटिया' यह भी पढ़ें- तमाम मुश्किलों के बावजूद,युवाओं ने नहीं मानी हारसबिता: स्नातक करने वाली घर की पहली बेटी रांची की सबिता लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तै...
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