अंडरपास हादसे में युवक की मौत मामले में मां को मिलेगा पांच लाख का मुआवजा
फरीदाबाद, अगस्त 11 -- गुरुग्राम, गौरव चौधरी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि सड़क हादसे में वाहन चालक की गलती या आय की सीमा के आधार पर बीमा कंपनी मुआवजे से इनकार नहीं कर सकती। न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी यशविंदर पाल सिंह की अदालत ने कार हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पीड़ित मां को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश जारी किया है।
दुर्घटना की जानकारी सेक्टर-52 निवासी मिथिलेश ने याचिका दायर कर बताया था कि 10 फरवरी 2023 को उनका बेटा उमेश शर्मा अपने दोस्त के साथ कार से जा रहा था। हुडा सिटी सेंटर के पास अंडरपास में अचानक नियंत्रण खोने से कार दीवार से जा टकराई, जिससे गंभीर रूप से घायल उमेश की अस्पताल में मौत हो गई। बीमा कंपनी ने यह तर्क देकर मुआवजे का विरोध किया था कि मृतक स्वयं गाड़ी चला ...
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