धनबाद, अगस्त 14 -- आईआईटी आईएसएम धनबाद के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. भंवर सिंह चौधरी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने अंडरग्राउंड माइंस में बैकफिलिंग के लिए बालू का एक इको-फ्रेंडली विकल्प तैयार किया है। पोलैंड के विशेषज्ञ के साथ मिलकर की गई इस रिसर्च में फ्लाईऐश और प्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल कर फ्लाईऐश प्लास्टिक एग्रीगेट्स (एफपीए) तैयार किया गया है। टीम ने 80 प्रतिशत फ्लाईऐश और 20 प्रतिशत हाई-डेंसिटी पॉलीएथिलीन (एचडीपीई) प्लास्टिक वेस्ट को थर्मल प्रोसेस के जरिए मिलाकर एफपीए तैयार किया। यह एफपीए भविष्य में हाइड्रोलिक स्टोइंग में नेचुरल सैंड और अनमॉडिफाइड फ्लाईऐश के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हाइड्रोलिक स्टोइंग में माइनिंग के बाद खाली हुए अंडरग्राउंड एरिया में मटेरियल को पंप कर भर दिया जाता है, जिससे जमीन ...