नई दिल्ली, अगस्त 8 -- रजनी चांदीवाल, इतिहासकार एवं सहायक प्रोफेसर आज से ठीक 84 साल पहले 9 अगस्त, 1942 को देश की सड़कों पर ऐसा जनसैलाब उमड़ आया था, जिसकी स्मृतियां आज भी भारतीयों को प्रेरित करती हैं। 9 अगस्त को ही 'भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत हुई थी। 15 अगस्त, 1947 को मिली आजादी की नींव इस आंदोलन ने पुख्ता कर दी थी। यह आंदोलन देश के इतिहास का एक ऐसा अनोखा आंदोलन था, जो उस वक्त के अग्रणी नेताओं के बिना चला, इसीलिए यह आज भी जन-आंदोलनों के लिए एक मिसाल है और सबक भी कि आम जनता अगर कुछ ठान ले, तो वह अत्याचारी शासन के सामने भी असंभव को संभव कर सकती है। यह आंदोलन आम जनता की शक्ति का प्रतीक भी है। 1940 का दशक भारत और विश्व, दोनों के लिए मुश्किल दौर था। जहां दूसरा विश्व-युद्ध अपने चरम पर था, वहीं ब्रिटिश सरकार की युद्धकालीन पाबंदियों के चलते आम भार...