अंग्रेजों की बेदखली तक 'किलेदार' परिवारके आंगन में धधकती रही आजादी की ज्वाला
ललितपुर, अगस्त 14 -- ललितपुर। जंग-ए-आजादी में तीन पीढ़ियों दादा, पुत्र और पौत्र के अपना सर्वस्व अर्पण करने के उदाहरण देश में इक्का दुक्का ही मिलते हैं। उनमें से एक अपने ललितपुर जनपद में मौजूद है। महावीरपुरा निवासी किलेदार परिवार की तीन पीढ़ियों ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका और उनको देश से भगाने के बाद ही चैन की सांस ली। तीसरी पीढ़ी के रूप में बृजनंदन किलेदार आजादी के जश्न में शामिल हुए। इस परिवार की पहली पीढ़ी पंडित जवाहर जू किलेदार महाराजा मर्दन सिंह के विश्वासपात्र व्यक्तियों में शामिल थे। उन्होंने महाराजा के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी। अंतिम युद्ध में महाराजा मर्दन सिंह के साथ ही जवाहर जू को भी अंग्रेजी फौज ने गिरफ्तार कर लिया था। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: अररिया: आज फटेहाल जीवन जी रहे आजादी के दीवाने कमलानंद का परि...
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