नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- ईरान-अमेरिका के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम (Ceasefire) पर सहमति तो बन गई है, लेकिन दोनों देश इसे अपनी-अपनी जीत बताने में लगे हैं। इस सबके बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप के 15-सूत्रीय और ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्तावों के बीच फंसी यह कूटनीति अब संदेह के घेरे में दिखने लगी है। सबसे बड़ा विवाद ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव की भाषा को लेकर है। ईरान के प्रस्ताव के दो अलग-अलग संस्करण सामने आए हैं। फारसी में लिखे संदेश में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करे। वहीं, इसके अंग्रेजी अनुवाद में जारी कॉपी में यह हिस्सा गायब है। यह एक तरह से रणनीतिक अस्पष्टता है। ईरान अपने घरेलू समर्थकों को यह दिखाना चाहता है कि उसने परमाणु अधिकार हासिल कर लिया है,...