अलीगढ़, अप्रैल 2 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अंगूठा ही नहीं अब आंखों की पुतली से भी बैनामा करने वालों की पहचान होगी। एक अप्रैल से निबंधन कार्यालयों में इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया। बुधवार को तहसील कोल सहित जिलेभर के सभी निबंधन कार्यालयों में आई स्कैनर से बैनामे करवाए गए। सपत्तियों का बैनामा करने में बायोमीट्रिक मिलान अनिवार्य कर दिया गया है। जिसमें क्रेता-विक्रेता व गवाहों के पहचान के लिए आधार प्रमाणीकरण का सहारा लिया जाता रहा, लेकिन उन बुुजुर्गों के समक्ष उस समय दिक्कत आ जाती थी, जब आधार प्रमाणीकरण के दौरान उनके अंगूठे का मिलान नहीं हो पाता था। इससे वह अपनी संपत्ति का बैनामा किए बिना वापस चले जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। उम्रदराज लोग अब नई व्यवस्था में बैनामा कर सकेंगे। अलीगढ़ में आठ-दस मामले प्रतिदिन आ रहे थे। अब निबंध...