भागलपुर, अगस्त 14 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) ने पीएचडी सुपरवाइजर की पात्रता को लेकर जारी अपना विवादास्पद आदेश वापस ले लिया है। डीएसडब्ल्यू प्रो. अर्चना साह की ओर से जारी नए नोटिस के अनुसार, अब अंगीभूत कॉलेजों के वैसे शिक्षक जो 'बिहार पीएचडी रेगुलेशन 2026' की शर्तों को पूरा करते हैं, वे भी पीएचडी शोध निर्देशक (सुपरवाइजर) बन सकेंगे। विश्वविद्यालय ने पूर्व में जारी केवल पीजी विभाग के शिक्षकों को अधिकृत करने वाले निर्देश में संशोधन किया है। इसके साथ ही पीजी विभागों से शोध की रिक्तियां जमा करने की अंतिम तिथि भी 12 अगस्त से बढ़ाकर 18 अगस्त कर दी गई है। यह भी पढ़ें- पूर्णिया विश्वविद्यालय में शुरू हुई सत्र 2024-2025 एवं 2026 में पीएचडी में नामांकन की कवायद

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