लखनऊ, अगस्त 13 -- मौत के बाद भी किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। जरूरत है सिर्फ अंगदान के लिए जागरूक होने की। सही समय पर फैसला लेने की। विश्व अंगदान दिवस की पूर्व संध्या पर इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (आईएसए) की उत्तर प्रदेश शाखा की तरफ से 'ऑपरेशन थिएटर से जनता तक' अभियान की शुरुआत की। आईएसए के मानद सचिव व केजीएमयू एनस्थीसिया विभाग के डॉ. तन्मय तिवारी ने ब्रेन डेथ, अंगदान, प्रत्यारोपण की प्रक्रिया और इससे जुड़ी भ्रांतियों को बताया। ऑपरेशन थिएटर से ऑनलाइन कार्यक्रम हुआ। जिसमें अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टर जुड़े। मानद सचिव डॉ. तन्मय तिवारी ने कहा कि अंगदान केवल एक व्यक्ति की जिंदगी नहीं बदलता, बल्कि जरूरतमंद आठ मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी करीब 140 करोड़ है। लेकिन अंगदान के लिए महज करीब...