अंखियों के झरोखों से... आपको पता है, ये गाना लिखने गीतकार बचपन से थे दृष्टिहीन; खुद नहीं देखी दुनिया
नई दिल्ली, मई 11 -- अंखियों के झरोखों से... क्या आप सोच सकते हैं कि दिल की गहराई में उतरने वाला यह गाना जिस शख्स ने लिखा है, उसने खुद कभी दुनिया नहीं देखी? भारतीय संगीत जगत में अगर किसी ऐसे व्यक्ति का नाम पूछा जाए जिसने अपनी शारीरिक कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लिया तो वह रवींद्र जैन हैं। जन्म से दृष्टिहीन होने के बावजूद, उन्होंने बॉलीवुड को ऐसे गाने दिए जो आज भी जगमगा रहे हैं। रवींद्र जैन को लोग दादू कहकर बुलाते थे। यहां जानते हैं उनकी कहानी।4 साल की उम्र से सीख रहे संगीत रवींद्र जैन का जन्म 1944 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। उनके पिता संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेदाचार्य थे। रवींद्र जैन जन्म से ही देख नहीं सकते थे। हालांकि बचपन से ही रुचि संगीत में थी। उनके पिता को लगा कि रवींद्र को किसी कमी का अहसास न हो इसलिए 4 साल की उम्र में ह...
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